सुविचार 2903
हमें अक्सर महसूस होता है कि दूसरों का जीवन हमसे अच्छा है,
लेकिन हम भूल जाते हैं कि उनके लिए हम भी दूसरे हैं.
लेकिन हम भूल जाते हैं कि उनके लिए हम भी दूसरे हैं.
पर बात का मतलब समझना किसी को नहीं आता.
वो कहाँ जाता है…- किसके साथ जाता है…- क्या करता है…
लोग मतलब के लिए पास आते हैं… आदत बनते हैं…
और जब हम हद से ज्यादा भरोसा कर लें,
तो बिना वजह बताए ही छोड़ कर चले जाते हैं…