सुविचार 2977
वक़्त निकल जाने के बाद कदर की जाए तो
कदर नहीं अफ़सोस कहलाता है…
कदर नहीं अफ़सोस कहलाता है…
जितनी प्रतिभा होती है, उतना आदमी साफ- सुथरा होता है.
अपनी हर तकलीफ, मुश्किल, समस्या रब को अर्पित कर दो, सब आसानी से हल हो जायेगी !!! प्रत्येक समस्या का सहजता से, बहादुरी से मुकाबला करें और जब वो हल न हो तो उन्हें रब के अर्पण करते जाएं, इनसे समस्या का निराकरण मिले न मिले, उससे मिलने वाली पीड़ा और कुंठा से छुटकारा अवश्य मिलता है और साथ ही उनका निराकरण भी ठीक ढंग से हो पाता है !!!
विचारों पर चलकर ही बदलाव आता है…