सुविचार 2971
गलतियां हमारा ध्यान आकर्षित करती हैं …
क्षमा हमारा हृदय छू जाती है.
क्षमा हमारा हृदय छू जाती है.
मन की इच्छाए श्रेष्ठ कर्मो में, अच्छे कर्मो में अक्सर बाधा खड़ी करती हैं, अतः श्रेष्ठ कर्मो को सर्वोपरि मानने वाले इच्छा से रहित होते है, जो योग्य है वही कर्म करते है ! इच्छा शेष होना, इच्छा रहित होना जीवन की श्रेष्ठतम उपलब्धि है !!!
श्रेष्ठता का आधार हमारी ऊँची सोच पर निर्भर करता है….
क्योंकि जिंदगी तो, 10% आप इसे कैसे बनाते हैं और 90% आप इसे कैसे अपनाते हैं, यह है.
वरना परिस्थितियां तो सदा विपरीत रहती हैं.