सुविचार 2796
कभी भी बेकार की बहस में नहीं पड़ना चाहिए,
यह ध्यान रखें कि एक सत्य को, कई तरीके से बताया जा सकता है.
यह ध्यान रखें कि एक सत्य को, कई तरीके से बताया जा सकता है.
_ कि बजाय यह सोचो कि क्या किया जा सकता है ?
1- एक वो जिसने तकलीफ़ दी.
2- एक वो जिसने तकलीफ़ में साथ दिया.
ये चारों अपना परिचय स्वयं देते हैं.
वह अपनी दिशा भी तय कर सकता है.
If you want to achieve greatness stop asking for permission.