सुविचार 2960

किसी से प्रशंसित होने मात्र से आप बड़े नहीं और किसी से निंदित होने मात्र से आप छोटे नहीं हो जाते,

सोचो, आपके कार्य महान है या अधम ?

सुविचार 2959

जिस तरह गंदे तालाब में एक कमल का खिलना उसे खूबसूरत बना देता है,

वैसे ही बुराइयों से भरे मनुष्य में उस की थोड़ी सी अच्छाई उस के सारे अवगुणों को ढक देती है.

सुविचार 2958

अच्छा दिल संबंधों को जीत सकता है,

जबकि अच्छा स्वभाव उसे आजीवन निभा सकता है.

सुविचार 2956

दुख – सुख ….

जब तक हम दूसरों के दुख-सुख में हाथ नहीं बंटाएंगे तब तक जीवन की सार्थकता साबित नहीं होगी.

जब हम दया, सेवा और कर्तव्य-पारायणता से भरे होते हैं तो अपने आप में आनंद अनुभव करते हैं.

सभी के बीच अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए जीना ही जीवन है.

सुविचार 2955

मुसकान थके हुए के लिए विश्राम, उदास के लिए दिन का प्रकाश

तथा दुखी के लिए प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है.

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