सुविचार 2948

नहीं खायीं ठोकरें सफर में तो मंजिल की अहमियत कैसे जानोगे,

अगर नहीं टकराये गलत से तो सही को कैसे पहचानोगे.

सुविचार 2947

अनुशासित मन सुख की ओर ले जाता है _

_ और अनुशासनहीन मन दुख की ओर ले जाता है.

सुविचार 2946

ढल जाती है हर चीज अपने वक़्त पर,

बस एक व्यवहार और लगाव ही है, जो कभी बूढ़ा नहीं होता…..!!

सुविचार 2945

याददाश्त है गुण बड़ा, इसको रखो सँभाल,

पर अनचाही बात को, दिल से देवो निकाल.

सुविचार 2944

जब आप उससे संतुष्ट हो जाते हो, जो आप हो और खुद की न किसी से तुलना करते हो, न प्रतिस्पर्धा करते हो,

तब सब लोग आपका सम्मान करते हैं.

सुविचार 2943

अपने आप को बेहतर बनाने में व्यस्त रहें,

ताकि आपके पास दूसरों की आलोचना करने का कोई समय न रहे.

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