सुविचार 2882
“what is understanding” “समझ क्या है”
बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता
समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.
बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता
समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.
जिस सोच का संचय करेंगे, वही समय आने पर प्रकट होगा.
हम संचय उसी का करें जो प्रसन्नता बिखेरे.
जिसे हम बिना कुछ किये हरगिज़ नहीं पा सकते !!
दूसरे के दुख पर आधारित सुख आपको अंततः दुख में ही ले जायेगा.
जो इन्सान ये हुनर सीख जाता है वो कभी भी ? दुःखी नहीं हो सकता.