सुविचार 2902
बात मतलब की हो तो सब समझ लेते हैं,
पर बात का मतलब समझना किसी को नहीं आता.
पर बात का मतलब समझना किसी को नहीं आता.
वो कहाँ जाता है…- किसके साथ जाता है…- क्या करता है…
लोग मतलब के लिए पास आते हैं… आदत बनते हैं…
और जब हम हद से ज्यादा भरोसा कर लें,
तो बिना वजह बताए ही छोड़ कर चले जाते हैं…
वक्त, और तकदीर से आगे कभी नहीं निकल सकते.