सुविचार 2701
जिंदगी का पहला कपड़ा लंगोट , जिसमें जेब नहीं.
जिंदगी का आखिरी कपड़ा कफन, उसमें भी जेब नहीं.
फिर जिंदगीभर जेब को भरने की खटपट क्यों.
जिंदगी का आखिरी कपड़ा कफन, उसमें भी जेब नहीं.
फिर जिंदगीभर जेब को भरने की खटपट क्यों.
_ बहुत-से लोग अपनी निजी ज़िंदगी, अपनी बीमारी और घरेलू समस्याओं को सबके सामने बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं और सोचते हैं, इससे लोगों की सहानुभूति उन्हें मिलेगी.
_ जबकि पीठ पीछे यही लोग उनकी इस आदत का मज़ाक बनाते हैं, क्योंकि ये समस्याएं तो सभी की हैं,
_लेकिन हर कोई इन्हें अटेंशन पाने का ज़रिया नहीं बनाता.
Stop judging people for the things you also do in private.
क्योंकि लंबे से लंबे रास्ते एक-एक कदम उठा कर पूरे हो जाते हैं.