सुविचार 2864
आप जिंदगी को कैसे देखते हैं, इस पर सब निर्भर है.
जिंदगी में कुछ भी नहीं है.
आपके देखने पर, आपका एटीटयूड, आपकी पकड़, आपकी समझ, आपकी दृष्टि सब कुछ बनाती और बिगाड़ती है.
जिंदगी में कुछ भी नहीं है.
आपके देखने पर, आपका एटीटयूड, आपकी पकड़, आपकी समझ, आपकी दृष्टि सब कुछ बनाती और बिगाड़ती है.
हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है.
इंसान बनना भूल जाते हैं..!
ऐसे में अपना भला कैसे हो सकता है..??
_पर वह उसका उपयोग से ज्यादा दुरूपयोग करता है.!!
यह जरूरतें तो कभी खत्म नहीं होती.