सुविचार 2688

लगातार हो रही असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए,

कभी- कभी गुच्छे की आखिरी चाबी ताला खोल देती है.

सुविचार 2686

यहाँ हर किसी को दरारों में झाँकने की आदत है,

दरवाजा खोल दो तो, कोई पूछने भी न आयेगा.

सुविचार 2685

शिकायत हो पर, उसका भी सलीका होता है.

अदब से कही गई, हर बात का वजन होता है.

सुविचार 2684

मंजिल मिल ही जायेगी भटकते ही सही,

गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं.

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