सुविचार 2878
सुख तो चाहना, लेकिन दूसरे के दुख पर आपका सुख निर्भर न हो,
दूसरे के दुख पर आधारित सुख आपको अंततः दुख में ही ले जायेगा.
चाहना आसान है, चाहते रहना कठिन है..!!
लोग आप को नहीं चाहते, आपसे उन्हें जो मिल रहा है उसे चाहते हैं..!!
दूसरे के दुख पर आधारित सुख आपको अंततः दुख में ही ले जायेगा.
जो इन्सान ये हुनर सीख जाता है वो कभी भी ? दुःखी नहीं हो सकता.
जिन्होंने प्रशंसा और निंदा में एक जैसा रहना सीख लिया हो.!!
उसकी आँखें रब की तरफ उठती हैं.
तो जरूर अपनानी चाहिए.
If you come across something of the old times and it teaches you something, then you should definitely adopt it.