सुविचार 2840
कुछ इकट्ठा भी उन्हीं के पास होता है,
जो बांटना जानते हैं.
जो बांटना जानते हैं.
अथवा नज्मों से हमारी कहानी मेल खाती है, हम उन्हें ही अपना पसंदीदा मान लेते हैं, _
उन्हें सुनते या गाते हुए मुस्कुराते रहते हैं और खुश होते रहते हैं और जो खुश नहीं होते उनकी कहानी ही कुछ और होती है.
असलियत मैं वही चीज आपके दुखों की वजह बनती है.
समझ लेना आपसे अधिक भाग्यशाली कोई नही है.
क्योंकि पानी की धाराओं के साथ जिंदा इंसान नहीं लाशें बहा करती हैं.