सुविचार 2795
हर दिन को एक नई शुरुआत मानो, _ ” क्या हो सकता था “
_ कि बजाय यह सोचो कि क्या किया जा सकता है ?
_ कि बजाय यह सोचो कि क्या किया जा सकता है ?
1- एक वो जिसने तकलीफ़ दी.
2- एक वो जिसने तकलीफ़ में साथ दिया.
ये चारों अपना परिचय स्वयं देते हैं.
वह अपनी दिशा भी तय कर सकता है.
If you want to achieve greatness stop asking for permission.
अब तो समझदार बनो.