सुविचार 2589
विवेक जीवन का नमक है और कल्पना उस की मिठास.
एक जीवन को सुरछित रखता है और दूसरा उसे मधुर बनाता है.
एक जीवन को सुरछित रखता है और दूसरा उसे मधुर बनाता है.
जीवन का सही आनंद लेने के लिए, मानसिक स्थिति अच्छी होनी चाहिए.
क्योंकि ये दोनों परिवर्तनशील हैं.
और हंस कर दूसरों को सुनाते हैं.
Most people don’t struggle to obtain what they want, they actually don’t know what they want.
भले ही पहले का दौर बदल गया और हमारी पारिवारिक, सामाजिक परिस्थितियां भी.
मगर जो कुछ भी हमारे पास है, हम उसी को लेकर
क्यों न अपने आज और आनेवाले कल को खुशहाल बनाने की कोशिश करें.