सुविचार 2571
आप किसी से बात करें, तो बीचबीच में उस का नाम लेते रहिए. व्यक्ति आप से सीनियर है तो नाम के साथ जरुरी [ प्रत्यय ] या [ उपसर्ग ] लगाना होगा. इस से सामने वाला अपना महत्त्व महसूस करता है, और साथ ही, आप की तरफ ध्यान भी अधिक देता है.
अगर जीतने की जिद हो तो परिस्थितियां भी हरा नहीं सकती.
जिन्हें एक पन्ना भी नसीब नहीं होता
और पूरी हो जाती है.
मैं एक ऐसी ही किताब हूँ
जो बिना कुछ लिखे भी लिखी हुई है
पूरी तरह भरी हुई है
और इसका पूरापन यह है
कि यह पूरी तरह अधूरी है
– ‘सदैव ‘ –