सुविचार 2693
‘अनुमान’ गलत हो सकता है, पर ‘अनुभव’ कभी ग़लत नहीं होता,
क्योंकि अनुमान हमारे मन की ‘कल्पना’ है, और अनुभव हमारे जीवन की ‘सीख’.
क्योंकि अनुमान हमारे मन की ‘कल्पना’ है, और अनुभव हमारे जीवन की ‘सीख’.
पर पहले की चोटें भी बेकार नहीं जाती.
_ समझदार वही है जो उस बात की तह तक खुद जाता है…
तो सारा विश्व शान्तिमय प्रतीत होता है.
कभी- कभी गुच्छे की आखिरी चाबी ताला खोल देती है.