सुविचार 2734
*ठोकर* *इसलिए नही लगती* *कि इंसान गिर जाए*
*ठोकर* *इसलिए लगती है कि* *इंसान आगे संभल जाये.
*ठोकर* *इसलिए लगती है कि* *इंसान आगे संभल जाये.
*कभी हम समझ नहीं पाते हैं* *और कभी समझा नहीं पाते हैं…!*
_ क्योंकि किसी भी स्थिति में हम केवल एक ही निर्णय ले सकते हैं; हमें विभिन्न निर्णयों की तुलना करने के लिए दूसरा, तीसरा या चौथा जीवन नहीं दिया गया है.
जो कहते हैं, और जो करते हैं. सामंजस्य में हो.