सुविचार 2748
निभाते नहीं हैं आजकल..
वरना, इंसानियत से बड़ा रिश्ता कौन सा है.
कैसा युग था जब इंसान की कीमत थी और इंसानियत की भी, और अब ?
_ अब, पैसा ही सब कुछ है.. _कितना बदल गया इंसान ?
वरना, इंसानियत से बड़ा रिश्ता कौन सा है.
_ अब, पैसा ही सब कुछ है.. _कितना बदल गया इंसान ?
पर ये भूल जाते हैं कि बीज खुद उन्होंने ही बोया है…
क्यूँकि
आपने कई बार मौत भी माँगी होती है…
इसलिए उसका धन्यवाद करें…जो आपको आपसे ही बचाता है !!”
_ इसलिए प्रत्येक परिवर्तन को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए…
_ केवल परिवर्तन का विरोध पीड़ादायक होता है ..
केवल
सूरज के निकलने से अँधेरा नही जाता.!!!!!!!!!