सुविचार 2559

अगर इंसान में कुछ करने की इच्छा हो तो _दुनियाँ में कुछ असंभव नहीं है.

सुविचार 2558

दूसरों पर निर्भर रहने वाले लोग कभी खुश नहीं रह पाते हैं.

इसलिए इस लायक बनिए कि अपनी जरूरतों और इच्छाओं को खुद पूरा कर सकें.

सुविचार 2556

२० वर्ष की आयु में व्यक्ति का जो चेहरा रहता है वह प्रकृति की देन है,

३० वर्ष की आयु का चेहरा जिंदगी के उतारचढ़ाव की देन है, लेकिन

५० वर्ष की आयु का चेहरा व्यक्ति की अपनी कमाई है.

सुविचार 2555

ज़िंदगी की पाठशाला मे सब आज भी ” बच्चे ” है,

ज़िंदगी इम्तेहान लेती है ,, और सब इम्तेहान से घबराते हैं … !!

सुविचार 2554

एक पर्वतारोही सिर्फ उन चीजों को लेकर ही ऊपर चढ़ता है जो बहुत जरुरी है और उसके ऊपर चढ़ने में सहायक भी है. सोचिए क्या हो अगर वो फालतू चीजें भी अपने ऊपर रख ले ? तब क्या वो ऊपर चढ़ पायेगा ? क्या वो उस ऊंचाई को हासिल कर पाएगा जिसे वो छूना चाहता है ?

दरअसल यही बात हमारे जीवन में भी लागू होती है. अगर हम ऊपर उठना चाहते हैं, अपने काम में सुधार लाना चाहते हैं, अपनी दिनचर्या को सुधारना चाहते हैं, अपना कौशल बढ़ाना चाहते हैं, तो सबसे पहले हमें अपने ऊपर से फालतू चीजों का बोझ हटाना होगा.

ये फालतू चीजें हैं – नकारात्मक विचार, आलस और डर. यदि इन तीनों से छुटकारा पा लेंगे, तो हमें शिखर पर पहुंचने से कोई नहीं रोक पाएगा.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

error: Content is protected