सुविचार 2687
अंतर्दृष्टि रखने वाले व्यक्ति को अपनी कीमत मालूम होती है.
दरवाजा खोल दो तो, कोई पूछने भी न आयेगा.
अदब से कही गई, हर बात का वजन होता है.
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं.
फिर एक बार हर इंसान मुस्कराएगा,
मायूस न होना यारों,
ये बुरा वक्त भी कुछ ना कुछ जीने का नया तरीका सीखा कर जायेगा.
हम कभी नहीं समझे, सो अब कुदरत समझा रही है.