सुविचार 2686

यहाँ हर किसी को दरारों में झाँकने की आदत है,

दरवाजा खोल दो तो, कोई पूछने भी न आयेगा.

सुविचार 2685

शिकायत हो पर, उसका भी सलीका होता है.

अदब से कही गई, हर बात का वजन होता है.

सुविचार 2684

मंजिल मिल ही जायेगी भटकते ही सही,

गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं.

सुविचार 2683

कुछ सिखाकर ये दौर भी गुजर जायेगा,

फिर एक बार हर इंसान मुस्कराएगा,

मायूस न होना यारों,

ये बुरा वक्त भी कुछ ना कुछ जीने का नया तरीका सीखा कर जायेगा.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सुविचार 2682

जितने में गुजारा कर रहे हैं, असल में जरुरत बस इतने की ही थी,

हम कभी नहीं समझे, सो अब कुदरत समझा रही है.

सुविचार 2681

अपने मिशन में कामयाब होने का सिर्फ एक ही रास्ता है,

किसी भी काम को पूरी लगन के साथ करो.

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