सुविचार 2686
यहाँ हर किसी को दरारों में झाँकने की आदत है,
दरवाजा खोल दो तो, कोई पूछने भी न आयेगा.
दरवाजा खोल दो तो, कोई पूछने भी न आयेगा.
अदब से कही गई, हर बात का वजन होता है.
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं.
फिर एक बार हर इंसान मुस्कराएगा,
मायूस न होना यारों,
ये बुरा वक्त भी कुछ ना कुछ जीने का नया तरीका सीखा कर जायेगा.
हम कभी नहीं समझे, सो अब कुदरत समझा रही है.
किसी भी काम को पूरी लगन के साथ करो.