सुविचार 2614
नजर का इलाज तो सम्भव है, पर नजरिये का नहीं.
लेकिन मूर्ख व्यक्ति हमेशा खुद को परफेक्ट समझता है
वह खुद से होशियार और किसी को नहीं समझता.
क्योंकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.
मर्जी आपकी, आप वापस क्या पाना चाहते हैं ?
तब जीवन सीखने का एक सिलसिला बन जाता है.