सुविचार 2544

*”मन” बड़ा चमत्कारी शब्द है,*

*इसके आगे “न” लगाने पर* *यह “नमन” हो जाता है*

*और* *पीछे “न” लगाने पर* *यह “मनन” हो जाता है*

*जीवन में “नमन” और “मनन” करते चलिए,*

*जीवन “सफल” ही नहीं* *”सार्थक” भी हो जायेगा

सुविचार 2543

एक समझदार व्यक्ति खुद गलतियां कम करता है, _

_ जबकि वो दूसरों की गलतियों से ही सब कुछ सीख जाता है ..

सुविचार 2542

तमीजदार होने का नुकसान ये भी है कि,

हजारों बातें दिल के अन्दर ही रह जाती हैं.

सुविचार 2541

झगड़ा….

दो व्यक्तियों में से एक यदि झगड़ा न करे तो झगड़ा हो ही नहीं सकता,

झगड़ा करने के लिए दोनों का लड़ने को तैयार होना और दोनों की सहमती होना जरुरी है !!

सुविचार 2540

आपकी उपस्थिति मात्र से कोई व्यक्ति स्वयं के दुःख भूल जाए,

यही आपकी उपस्थिति की सार्थकता है.

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