सुविचार 2410
पायल हजारों रूपये में आती है, पर पैरो में पहनी जाती है;
और; बिंदी 1 रूपये में आती है; मगर माथे पर सजाई जाती है;
इसलिए कीमत मायने नहीं रखती; उसका कृत्य मायने रखता है.
और; बिंदी 1 रूपये में आती है; मगर माथे पर सजाई जाती है;
इसलिए कीमत मायने नहीं रखती; उसका कृत्य मायने रखता है.
सर्दियो में जिस सूरज का इंतजार होता है,
उसी सूरज का गर्मियों में तिरस्कार भी होता है.
आप की कीमत तब होगी जब आपकी जरुरत होगी.
तो हमारी सम्भावनाएँ अपरिमित हो जाती हैं.
तो उन्हें गलत मत समझिये,
क्योंकि आप उनकी जिन्दगी की वो रोशनी की किरण हैं
जो उन्हें सिर्फ, अन्धेरों में ही दिखाई देती है.
इसलिए पीठ पीछे किसी की निन्दा ना करें…….