सुविचार 2538
कोयल अपनी भाषा बोलती है, इसलिये आज़ाद रहती है;
किंतु तोता दूसरे की भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है.
अपनी भाषा, अपने विचार और; अपने आप पर विश्वास करें.
किंतु तोता दूसरे की भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है.
अपनी भाषा, अपने विचार और; अपने आप पर विश्वास करें.
देर करने वाले, इन्हें हमेशा खो देते हैं.
वो नादान _ ये नहीं समझता _ सजा _ दुनिया नहीं _ समय देता है.
क्योंकि जिस पेड़ पर फल लगते हैं, दुनिया उसे ही पत्थर मारती है.
किन्तु…किसी पर “अति विश्वास” दुःख का कारण भी बन सकता है.