सुविचार 2538

कोयल अपनी भाषा बोलती है, इसलिये आज़ाद रहती है;

किंतु तोता दूसरे की भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है.

अपनी भाषा, अपने विचार और; अपने आप पर विश्वास करें.

सुविचार 2537

अवसर और सूर्योदय में एक ही समानता है,

देर करने वाले, इन्हें हमेशा खो देते हैं.

सुविचार 2536

मूर्ख गुनाह करके दुनिया से बचना चाहता है,

वो नादान _ ये नहीं समझता _ सजा _ दुनिया नहीं _ समय देता है.

सुविचार 2535

दुनिया विरोध करे तो तुम डरो मत,

क्योंकि जिस पेड़ पर फल लगते हैं, दुनिया उसे ही पत्थर मारती है.

सुविचार 2534

वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए;

_ वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है,
_जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं,
इसी में जीवन की सार्थकता है.!!
अगर इंसान छाया देने वाले वृक्षों की कद्र ना करे तो.. धूप उसका नसीब बन जाती है.!!

सुविचार 2533

विश्वास… अति सुखदाई होता है.

किन्तु…किसी पर “अति विश्वास” दुःख का कारण भी बन सकता है.

error: Content is protected