सुविचार 2375

विपरीत स्थितियां….

जीवन में जब भी स्थितिया बिगड़ जाए, मनमाफिक न हो, कई कोशिशो के बावजूद काम नहीं बन रहा हो तो शान्ति और धैर्य धारण करिए, ऐसे समय को अपनी सहन शक्ति, एकाग्रता और ज्ञान बढाने में लगाइए ! अच्छी पुस्तको को पढ़िये, ध्यान करिए और कुछ नहीं तो बिलकुल शांत, मौन और सहज रहकर अपने कार्य करते रहिये, आपको आश्चर्य होगा किन्तु कुछ समय व्यतीत होने के बाद आपको लगेगा की अच्छा हुआ जो शांत रहे, व्यर्थ क्रोध नहीं किया, क्यूंकि अक्सर इंसान इनसे उभर जाता है किन्तु इस दौरान उसके द्वारा कही गई गलत बाते और गलत कार्य उसे और दुसरो को याद रहते है ! जिनका स्मरण अक्सर दुखदायी होता है !!!

सुविचार 2374

चिंता वो चुम्बक है जो हमारे जन्म लेते ही चिपक जाती है,

इधर हमारी उम्र बढ़ती है उधर उसका आकार..

सुविचार 2373

अगर कोई आप पर गुस्सा करे और चिल्लाये तो शांत हो जायें. सामने वाले को और गुस्सा आयेगा पर थोड़ी देर बाद उसे अफ़सोस होगा.

सुविचार 2372

किसी से अभी- अभी मिले हों तो बातों में उनके नाम का प्रयोग करें.

लोगों को अपना नाम सुनना अच्छा लगता है.

सुविचार 2371

दिन अच्छा न बीत रहा हो, तो भी चेहरे पर अपनी सबसे बड़ी वाली मुस्कान लाइये.

कुछ देर बाद आप पहले से ज्यादा ख़ुश महसूस करेंगे.

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