सुविचार 2362

अकड़ !!

इस शब्द में कोई मात्रा नहीं है !

फिर भी अलग अलग मात्रा में सबके पास है !!…

सुविचार 2361

नदी में गिरने से किसी की जान नहीं जाती,

जान तब जाती जब तैरना नहीं आता….

परिस्थितियाँ कभी समस्या नहीं बनती

तभी बनती है जब परिस्थितियों से निपटना नहीं आता…

सुविचार 2360

हमारा “व्यवहार” शून्य की तरह होना चाहिए…..जो स्वयं में तो कोई कीमत नहीं रखता,

लेकिन दूसरों के साथ “जुड़ने” पर उसकी कीमत दस गुना बढ़ा देता है.

सुविचार 2359

आपके पास जो है वो आपके हिसाब से कम है,

लेकिन किसी दूसरे की नज़र से देखो तो आपके पास बहुत कुछ है.

सुविचार 2358

चालाकियों से किसी को कुछ देर तक मोहित किया जा सकता है,

दिल जीतने के लिये सरल और सहज होना जरुरी होता है.

अपनी चालाकियों पर खुद पर इतराना_

_ और अपनी खुशियों को _घर से बाहर जाने देना, _एक साथ होता है..!!

इतराता ही रह गया वो अपनी चालाकियों पर..

_ समझ ही ना पाया कि उस ने खोया क्या है..

सुविचार 2357

हमारी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम अपने जीवन का प्रतिपल और प्रतिदिन कैसे बिताते हैं.
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