सुविचार 2326
आप जैसा चाहते हो वैसा दूसरे न बनें तो गुस्सा मत करो,
आप स्वयं भी जैसा चाहते थे वैसा कहाँ बन सके.
आप स्वयं भी जैसा चाहते थे वैसा कहाँ बन सके.
मौन रहकर कई समस्याओं को दूर रखा जा सकता है.
कसूर हर बार गलतियो का नही होता है..
कम गर्माहट मिलती है, उसी तरह कमज़ोर इच्छा से कमज़ोर परिणाम मिलते हैं.