सुविचार 2377
उसने एक छोटी भूल की और हमने वो याद रखकर बड़ी भूल की…
उसने एक छोटी भूल की और हमने वो याद रखकर बड़ी भूल की…
इसलिये मेरे लिए तो हर दिवस योग दिवस है…….
जीवन में जब भी स्थितिया बिगड़ जाए, मनमाफिक न हो, कई कोशिशो के बावजूद काम नहीं बन रहा हो तो शान्ति और धैर्य धारण करिए, ऐसे समय को अपनी सहन शक्ति, एकाग्रता और ज्ञान बढाने में लगाइए ! अच्छी पुस्तको को पढ़िये, ध्यान करिए और कुछ नहीं तो बिलकुल शांत, मौन और सहज रहकर अपने कार्य करते रहिये, आपको आश्चर्य होगा किन्तु कुछ समय व्यतीत होने के बाद आपको लगेगा की अच्छा हुआ जो शांत रहे, व्यर्थ क्रोध नहीं किया, क्यूंकि अक्सर इंसान इनसे उभर जाता है किन्तु इस दौरान उसके द्वारा कही गई गलत बाते और गलत कार्य उसे और दुसरो को याद रहते है ! जिनका स्मरण अक्सर दुखदायी होता है !!!
इधर हमारी उम्र बढ़ती है उधर उसका आकार..
लोगों को अपना नाम सुनना अच्छा लगता है.