सुविचार 2412
साधारण और श्रेष्ठ में सिर्फ इतना सा अंतर है कि साधारण उसको चुनते हैं, जो आसान है. लेकिन श्रेष्ठ उसे चुनता है जो मुश्किल है.
अब टेंशन में थोड़ी सी ज़िन्दगी रह गई है.
और; बिंदी 1 रूपये में आती है; मगर माथे पर सजाई जाती है;
इसलिए कीमत मायने नहीं रखती; उसका कृत्य मायने रखता है.
सर्दियो में जिस सूरज का इंतजार होता है,
उसी सूरज का गर्मियों में तिरस्कार भी होता है.
आप की कीमत तब होगी जब आपकी जरुरत होगी.
तो हमारी सम्भावनाएँ अपरिमित हो जाती हैं.