सुविचार 2365
जिंदगी को हमेशा मुस्कुरा कर गुजारो,
क्योंकि आप नहीं जानते की यह कितनी बाकी है.
क्योंकि आप नहीं जानते की यह कितनी बाकी है.
और जो चीजे ज्यादा दिन तक चलती है वो जल्दी नही मिलती.
क्योंकि पूरी दुनिया में कारपेट बिछाने से खुद के पैरों में चप्पल पहन लेना कहीं अधिक सरल है.
इस शब्द में कोई मात्रा नहीं है !
फिर भी अलग अलग मात्रा में सबके पास है !!…
जान तब जाती जब तैरना नहीं आता….
परिस्थितियाँ कभी समस्या नहीं बनती
तभी बनती है जब परिस्थितियों से निपटना नहीं आता…
लेकिन दूसरों के साथ “जुड़ने” पर उसकी कीमत दस गुना बढ़ा देता है.