सुविचार 2308
मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, परिस्थितियां ही उस की दास हैं.
और हमारे जो अधिकार हों उन की दृढ़ता से मांग करनी चाहिए.
हमारे कर्मों की आवाज खुद- ब- खुद हमारी सफलता बताती है.
रब ने हर इंसान के लिए सफलता के लिए अलग- अलग प्रयासों की संख्या सुनिश्चित की है, जहां पहुंचते ही हमें अपनी मंजिल हासिल हो जाती है. अतः अपने प्रयासों को थमने न दें. एक दिन अचानक कामयाबी खुद आकर आपके कदम चूमेगी.