सुविचार 2226

आम तौर पर लोगों की यह धारणा है कि खुश केवल वही है, जिसके पास दौलत है. लेकिन आप पायेंगे कि कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके पास दौलत तो बहुत है, पर वे खुश नहीं हैं. उनके शरीर में इतनी बीमारियां हैं कि दौलत का स्वयं के लिए कोई इस्तेमाल नहीं है.

इसके विपरीत आपको कई ऐसे लोग भी मिल जायेंगे, जिनके पास संसाधन तो सीमित हैं, परंतु उनके चेहरे पर गजब का आकर्षण नजर आता है, जो खुशी और शांति से उत्पन्न होती है. दरअसल, हमारे संतोष और खुशी का संबंध केवल धन से नहीं है.

हम अपने मन को व्यवस्थित और संतुलित कर अपार सुख की प्राप्ति कर सकते है.

सुविचार 2225

…एक माचिस की तिल्ली, एक घी का लोटा…

…लकड़ियों के ढेर पे, कुछ घण्टे में राख…..

…बस इतनी-सी है “आदमी की औकात”

सुविचार 2224

जीवन हमारे दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति है यानी जैसी हमारी सोच वैसा ही हमारा रहन- सहन, हमारा जीवन.
Life is an expression of our attitudes.

सुविचार 2221

हमारी ही करनी _ हमें ही दिखाता है,

समय का चक्र _ जब घूम- घूम कर वापस आता है.

ज़िंदगी एक चक्र है, जो हमें गोल गोल घुमाती है,

_ इसे बेवजह चक्रव्यूह मत बनाइए..

_ हर आदमी अपने कर्मों की परिधि तय कर रहा है.. उसे और मत उलझाइए..!!

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