सुविचार 2302
जो दूसरों के लिए जीता है, _ उसे कभी निराशा नहीं होती.
जो दूसरों के लिए जीता है, _ उसे कभी निराशा नहीं होती.
उस से अधिक एक बुद्धिमान एक मूर्खतापूर्ण प्रश्न से सीख सकता है.
ताक़त तो उसमें सारा आसमान देखने की होती है.
और जीतना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपने आप से हो.