सुविचार 2394
दिमाग एक मशीन की तरह है, जिस का इस्तेमाल होता रहे ताकि वह सक्रीय रहे. इसलिए लिखनेपढ़ने के अलावा दिमागी कसरत जैसे वर्ग पहेली, सुडोकू हल करते रहें.
लेकिन लगातार जीते रहने पर इससे बड़ी ताक़त नही.
विद्या, वीरता, बुद्धि, साहस, शक्ति और धैर्य – ये सभी गुण मनुष्य के सच्चे और स्वाभाविक मित्र होते है !! अतः इनका संग कभी नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि यदि इन्हें साथ रखा जाये और इनकी मदद ली जाये तो मनुष्य आपातकाल में भी मुसीबतों का सामना कर सकता है !! और विपत्ति को दूर भगा सकता है, ये सभी मित्र आपात काल में सच्चे सहयोगी सिद्ध होते हैं, जो इनका साथ नहीं छोड़ता वो असफल भी नहीं होता !!!
सोच में मेहरबानी गूढ़ता लाती है.
देने में मेहरबानी प्रेम पैदा करती है.