सुविचार 2394

दिमाग एक मशीन की तरह है, जिस का इस्तेमाल होता रहे ताकि वह सक्रीय रहे. इसलिए लिखनेपढ़ने के अलावा दिमागी कसरत जैसे वर्ग पहेली, सुडोकू हल करते रहें.

सुविचार 2393

भावनाएं बदलती रहती हैं, जिस इंसान को आप कल तक बेइंतहां मोहब्बत करते थे, हो सकता है उसे आज नापसंद करने लगें.

सुविचार 2392

चेहरे पर मुसकान सब से अच्छा तरीका है सामने वाले को दिखाने का कि आप कितने खुश, कूल, कौनफिडैंट हैं. जब आप के चेहरे पर मुसकान रहेगी तो सामने वाला भी आप से अच्छी तरह खुशी से बात करेगा.

सुविचार 2391

निश्चित ही “सच” शुरू शुरू में कमजोर होता है,

लेकिन लगातार जीते रहने पर इससे बड़ी ताक़त नही.

सुविचार 2390

आपातकाल के साथी ……

विद्या, वीरता, बुद्धि, साहस, शक्ति और धैर्य – ये सभी गुण मनुष्य के सच्चे और स्वाभाविक मित्र होते है !! अतः इनका संग कभी नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि यदि इन्हें साथ रखा जाये और इनकी मदद ली जाये तो मनुष्य आपातकाल में भी मुसीबतों का सामना कर सकता है !! और विपत्ति को दूर भगा सकता है, ये सभी मित्र आपात काल में सच्चे सहयोगी सिद्ध होते हैं, जो इनका साथ नहीं छोड़ता वो असफल भी नहीं होता !!!

सुविचार 2389

आत्मविश्वास पैदा करती है शब्दों में मेहरबानी.

सोच में मेहरबानी गूढ़ता लाती है.

देने में मेहरबानी प्रेम पैदा करती है.

error: Content is protected