सुविचार 2388
कभी कभी परिस्थितियों को और बिगड़ने से बचाने के लिए कदम पीछे हटाना पड़ जाता है ;
और लोग इसे कायरता, कमजोरी और बेवकूफी समझ बैठते हैं.
और लोग इसे कायरता, कमजोरी और बेवकूफी समझ बैठते हैं.
आप चाहें तो मुझसे बात कर सकते हैं.
I am no good talker but people have said to me many times that I am good listener, you can talk to me if you want.
क्योंकि ये जब टूटते हैं तो आवाज नहीं आती पर दर्द बहुत होता है…
मेज पर होगी तस्वीर और कुर्सी खाली रह जाएगी.
तारीफ़ आदमी के “काम” की होती है और ख़ुशामद “काम” के आदमी की.
_ दूसरों के साथ व्यवहार करने में अपने दिल का प्रयोग करें ..