सुविचार 2296

ज़िंदगी में कितने भी आगे निकल जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से पीछे रहेंगे.

ज़िंदगी में कितने भी पीछे रह जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से आगे होगें.

अपनी जगह का लुत्फ़ उठाएँ.

“आपका असली मुकाबला केवल अपने आप से है

अगर आप आज खुद को बीते हुए कल से बेहतर पाते है

तो आपकी यही सबसे बड़ी जीत है !!

सुविचार 2295

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं विनर और लूजर…

लेकिन जिंदगी हर लूजर को एक मौका जरूर देती है

जिसमें वह विनर बन सकता है..

सुविचार 2294

जो मनुष्य अपने हर्ष को छिपा सकता है,

वह उस से महान है, जो अपने दुःखों को छिपा सके.

सुविचार 2293

सारा उत्तरदायित्व अपने कन्धों पर लो.

याद रखो कि आप स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हो.

आप जो कुछ बल या सहायता चाहो, सब आपके ही भीतर विद्यमान है.

सुविचार 2292

जैसे पैदल चल पाने में असमर्थ लोग घोड़े की पीठ का सहारा लेते हैं, उसी तरह किसी दुर्बल पछ का समर्थन करने वाले वक्ता बहुत आवेश व तेजी के साथ बोलने लग जाते हैं.

सुविचार 2291

अगर आप किसी को छोटा देख रहे हो, तो आप उसे या तो “दूर” से देख रहे हो

या अपने “गुरुर” से देख रहे हो !

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