सुविचार 2388

कभी कभी परिस्थितियों को और बिगड़ने से बचाने के लिए कदम पीछे हटाना पड़ जाता है ;

और लोग इसे कायरता, कमजोरी और बेवकूफी समझ बैठते हैं.

सुविचार 2387

मैं अच्छा वक्ता नहीं हूं लेकिन लोगों ने मुझसे कई बार कहा है कि मैं अच्छा श्रोता हूं,

आप चाहें तो मुझसे बात कर सकते हैं.

I am no good talker but people have said to me many times that I am good listener, you can talk to me if you want.

सुविचार 2386

जीवन में चार चीजें मत तोड़िये – विश्वास, रिश्ता, ह्रदय और वचन.

क्योंकि ये जब टूटते हैं तो आवाज नहीं आती पर दर्द बहुत होता है…

सुविचार 2385

ज़िन्दगी है साहब, छोड़ कर चली जाएगी.

मेज पर होगी तस्वीर और कुर्सी खाली रह जाएगी.

सुविचार 2384

तारीफ़ और ख़ुशामद में एक बड़ा फर्क है,

तारीफ़ आदमी के “काम” की होती है और ख़ुशामद “काम” के आदमी की.

सुविचार 2383

अपने को संभालने के लिए अपने मस्तिष्क का प्रयोग करें, _

_ दूसरों के साथ व्यवहार करने में अपने दिल का प्रयोग करें ..

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