सुविचार 2293
सारा उत्तरदायित्व अपने कन्धों पर लो.
याद रखो कि आप स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हो.
आप जो कुछ बल या सहायता चाहो, सब आपके ही भीतर विद्यमान है.
याद रखो कि आप स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हो.
आप जो कुछ बल या सहायता चाहो, सब आपके ही भीतर विद्यमान है.
या अपने “गुरुर” से देख रहे हो !
नज़र रखो अपने ‘शब्द’ पर, क्योंकि वे ”कार्य” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘कार्य’ पर, क्योंकि वे ”स्वभाव” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘स्वभाव’ पर, क्योंकि वे ”आदत” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘आदत’ पर, क्योंकि वे ”चरित्र” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘चरित्र’ पर, क्योंकि उससे ”जीवन आदर्श” बनते हैँ.
आत्मविश्वास सब से बड़ा दोस्त है.
_ खुशियों व दुख को नहीं समझ सकते तो उन का प्यार खोखला है.