सुविचार 2243
“मत करो इंतज़ार” इतना की इंतज़ार ही करते रह जाओ
और सब कुछ ख़त्म हो जाए.
और सब कुछ ख़त्म हो जाए.
और वास्तव मे वह आता भी है.
सम्मान दो और सम्मान पाओ, ये काम है बिल्कुल ईमानदारी का.
दूसरों के गुणों को न सिर्फ देखो बल्कि उनकी प्रशंसा करो और उन्हें सच्चे दिल से अपनाने का प्रयत्न करो, और दुसरे के अवगुणों को नज़र अंदाज करें, बहुत जरुरी होने पर उनको बतायें, अपितु उन पर ध्यान ही न दें, किन्तु अपने दुर्गुणों को ध्यान पूर्वक अपने से दूर करने का प्रयत्न करें !!!!