सुविचार 2243

“मत करो इंतज़ार” इतना की इंतज़ार ही करते रह जाओ

और सब कुछ ख़त्म हो जाए.

सुविचार 2242

इस तरह कर्म करो – कि मानो तुम्हारे हर कर्म को पलट कर तुम्हारे सिर पर आना है,

और वास्तव मे वह आता भी है.

सुविचार 2241

किसी के प्रति कहा गया अच्छा शब्द एक कृतज्ञता है, इसलिए बुरी बात न कह कर चुप रहने की जरुरत होती है, जिस में कुछ खर्च नहीं होता.

सुविचार 2240

बजती है ताली दोनों हाथों से, ये उसूल है दुनियादारी का,

सम्मान दो और सम्मान पाओ, ये काम है बिल्कुल ईमानदारी का.

सुविचार 2239

गुण अवगुण…

दूसरों के गुणों को न सिर्फ देखो बल्कि उनकी प्रशंसा करो और उन्हें सच्चे दिल से अपनाने का प्रयत्न करो, और दुसरे के अवगुणों को नज़र अंदाज करें, बहुत जरुरी होने पर उनको बतायें, अपितु उन पर ध्यान ही न दें, किन्तु अपने दुर्गुणों को ध्यान पूर्वक अपने से दूर करने का प्रयत्न करें !!!!

सुविचार 2238

इन्सान की सोच, जब तंग हो जाती है तो यह खूबसूरत जिंदगी भी एक जंग हो जाती है.
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