सुविचार 2299
आँखें कितनी भी छोटी क्यों ना हो,
ताक़त तो उसमें सारा आसमान देखने की होती है.
ताक़त तो उसमें सारा आसमान देखने की होती है.
और जीतना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपने आप से हो.
ज़िंदगी में कितने भी पीछे रह जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से आगे होगें.
अपनी जगह का लुत्फ़ उठाएँ.
“आपका असली मुकाबला केवल अपने आप से है
अगर आप आज खुद को बीते हुए कल से बेहतर पाते है
तो आपकी यही सबसे बड़ी जीत है !!
लेकिन जिंदगी हर लूजर को एक मौका जरूर देती है
जिसमें वह विनर बन सकता है..
वह उस से महान है, जो अपने दुःखों को छिपा सके.