सुविचार 2249
गिर गया तो क्या हुआ, गिरता वही जो चलता है.
अरे बस इतना सा करना है, फिर से उठकर और फिर से चलना है.
अरे बस इतना सा करना है, फिर से उठकर और फिर से चलना है.
अपने अंदर झांक लो…उड़ जायेंगे होश.
ठीक वैसे जब बुरे विचार हमारे सामने आये तो उन्हें भी अपने अंदर न आने दो जबकि अच्छे विचारों को हमेशा लेते रहो. क्योकि विचार कोई भी हो वो हमारे मन में बीज का कार्य करता है जो धीरे धीरे एक पेड़ बन जाता है.
बुरे विचार ही बुराई करने के लिये प्रेरित करते हैं.
असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त-व्यस्त है.
पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है.