सुविचार 2125

जिंदगी में टेंशन ही टेंशन है, फिर भी इन लबों पर मुस्कान है,

क्योंकि जब हर हाल में जीना है तो मुस्कुरा के जीने में क्या नुकसान है.

सुविचार 2124

जिन्दगी जीना एक साइकिल चलने की तरह है यदि आप स्वयं को आगे नहीं बढ़ाते हैं तो संतुलन कैसे बनायेंगे.

सुविचार 2123

आप घर पर हैं और आप के पास खाली समय है तो सब से अच्छा होगा कि

आप अपने घर की सफाई करें, क्योंकि साफ घर सब को अच्छा लगता है.

सुविचार 2122

इंसान अपनी कमाई के हिसाब से नही, अपनी जरूरत के हिसाब से गरीब होता है.

सुविचार 2121

कैसी विडंबना हैं ! कुछ लोग जीते-जी मर जाते हैं, और कुछ लोग मर कर भी अमर हो जाते हैं.

सुविचार 2120

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एक इंसान कि उम्र के हिसाब से उसके दृष्टिकोण कि बात करें तो बीस साल उम्र में इंसान अपनी इच्छा से चलता है, तीस साल में बुद्धि से और चालीस में अपने अनुभव से चलने लगता है – यह एक ‘ ग्रेजुअल प्रोसेस ऑफ़ विज़न ” है.
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