सुविचार 2245
जो हमेशा कहे मेरे पास समय नहीं है,
असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त-व्यस्त है.
असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त-व्यस्त है.
पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है.
और सब कुछ ख़त्म हो जाए.
और वास्तव मे वह आता भी है.
सम्मान दो और सम्मान पाओ, ये काम है बिल्कुल ईमानदारी का.