अन्याय, अभाव और आलस्य अज्ञानता के कारण ही पैदा होते हैं, ज्ञान हो तो यह सारी चीजें मिटने लगती हैं.
सुविचार 2113
हरेक मनुष्य के जीवन में चुनौतियां तो रहेंगी, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. चुनौतियां से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है. वह व्यक्ति कभी निराश नहीं हो सकता, जिसने अपने जीवन का लछ्य निर्धारित कर लिया हो. जिसकी आँखों में कुछ करने का सपना हो, सपने को पूरा करने के लिए जुनून हो, पागलपन हो तो उसे डिप्रेशन या उदासी हो ही नहीं सकती है. डिप्रेशन का एंटीडॉट है सक्सेस. अगर आप अपने काम, अपने लछ्य के प्रति फोकस है तो चुनौतियों के बावजूद कामयाबी आपके कदम चूमेगी. बस आपके अंदर गोल तक पहुंचने के लिए एक जुनून या पागलपन होना चाहिए.
छोटी- मोटी चीजों की चिंता किये बगैर बस आप कर्म करते रहिये,तो कोई भी नकारात्मकता आपको छू नहीं सकती है. यह आपके ऊपर है कि आप चीजों को कैसे लेते हैं. आपके ईको- सिस्टम में या आपकी संगत में किस तरह के लोग हैं.
जैसे कहावत है ना…….जैसा खावे अन्न वैसा होवे मन…….वैसे ही दिमाग की खुराक के लिए भी यह जरुरी है कि हम ऊर्जावान, सक्सेस व पॉज़िटिव लोगों की संगत में रहें. अच्छा साहित्य, अच्छी किताबें पढ़ें व खुद अपने आप को ऑडिट करते रहें, अपडेट करते रहें. यह कोशिश ही कामयाबी का मार्ग प्रशस्त करती है. इससे आप हमेशा उमंग में रहेंगे.
सुविचार 2112
मन मिले जिससे, रिश्ता रखना उससे.
जहां कदर नहीं, वहां जाना नहीं.
जो सुनता नहीं, उसे समझाना नहीं.
जो पचता नहीं वो खाना नहीं.
जो सत्य पे भी रूठे, मनाना नहीं.
जीवन में तकलीफें आएं, घबराना नहीं.
सुविचार 2111
तू देख कर भी सब अंजान है, और वो अंजान होके भी सब देख रहा है.
सुविचार 2110
इंसान का सबसे वैभवशाली सुख और स्थायी शांति तब ही प्राप्त होती है,
जब वह अपने भीतर बैठे स्वार्थ को पूरी तरह से समाप्त कर देता है.
सुविचार 2109
जो व्यक्ति अमीरी में खुशियाँ खोजता है, वह इस दुनिया का सबसे भ्रमित व्यक्ति है.
अमीरी आपके दिमाग़ में है-
वक्त रहते अपने दिमाग़ पर काबू रखना सीख लो वरना अगर उसने आप पर काबू कर लिया तो आपको तकलीफ़ तो बहुत होगी.!!
_ जब तक कमाना नहीं आएगा, तब तक सम्भालना भी नहीं आएगा !
_ अपने बच्चों को पैसे देकर अमीर बनाने की कोशिश मत कीजिए..
_ पर कमाने की विद्या और जीने का ढंग सिखाइए !
_ ज़िंदगी को गमलों के पौधों की तरह मत बना देना.. जिसे हर समय देख-रेख और सहारा चाहिए..
_ बल्कि पहाड़ों में उगते हुए पौधों की तरह बनो जिनका कोई ध्यान नहीं रखता, फिर भी हरे-भरे है …
_ कब तक सहारा तलाशते रहोगे.. ज़िंदगी कमजोर बनेगी..
_ जब ख़ुद अपना सहारा बनोगे “ज़िंदगी लहलाने लग जाएगी” !!





