सुविचार 2307
दुनिया में हमें नम्रता से, विवेक से, चलना चाहिए,
और हमारे जो अधिकार हों उन की दृढ़ता से मांग करनी चाहिए.
और हमारे जो अधिकार हों उन की दृढ़ता से मांग करनी चाहिए.
हमारे कर्मों की आवाज खुद- ब- खुद हमारी सफलता बताती है.
रब ने हर इंसान के लिए सफलता के लिए अलग- अलग प्रयासों की संख्या सुनिश्चित की है, जहां पहुंचते ही हमें अपनी मंजिल हासिल हो जाती है. अतः अपने प्रयासों को थमने न दें. एक दिन अचानक कामयाबी खुद आकर आपके कदम चूमेगी.