सुविचार 2301
जितना एक मूर्ख व्यक्ति किसी बुद्धिमानी भरे उत्तर से नहीं सीख सकता,
उस से अधिक एक बुद्धिमान एक मूर्खतापूर्ण प्रश्न से सीख सकता है.
उस से अधिक एक बुद्धिमान एक मूर्खतापूर्ण प्रश्न से सीख सकता है.
ताक़त तो उसमें सारा आसमान देखने की होती है.
और जीतना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपने आप से हो.
ज़िंदगी में कितने भी पीछे रह जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से आगे होगें.
अपनी जगह का लुत्फ़ उठाएँ.
“आपका असली मुकाबला केवल अपने आप से है
अगर आप आज खुद को बीते हुए कल से बेहतर पाते है
तो आपकी यही सबसे बड़ी जीत है !!