सुविचार 2108

धैर्य रखा करो, क्योंकि मुश्किलों का हल मुश्किलों में ही कहीं छुपा रहता है.

सुविचार 2107

अपनी बीती जिंदगी का स्वार्थ से परे खालीपन में अवलोकन करें, तो पता चलेगा आपने कहां छल- कपट से जीत हासिल की और कहां ईमानदारी से.

_ अगर अपने छल पर पछतावा होता है, तो अवश्य ही उसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी.

_ यह प्रेरणा उम्र के साथ स्वतः ही उत्पन्न होती है, जो मनुष्य को अनुभवी बनाती है.

खुद को देखें और स्वयं का अवलोकन करें, जब हम स्वयं का अवलोकन करते हैं, तो एक स्वाभाविक और करने योग्य क्रिया उत्पन्न होती है.

_ अन्यथा, हमारे द्वारा की जाने वाली क्रियाएँ जबरन और ज़बरदस्ती वाली होंगी,
और ज़बरदस्ती करने से हम थक जाते हैं.!!

सुविचार 2106

असाधारण यातनाएं उनके लिए आयीं, जो लोग असाधारण थे.

Extraordinary tortures came for them, People who were extraordinary.

सुविचार 2103

जब तक आप में आन्तरिक संतुलन नहीं है, आपके पास संसार में मौजूद सारी जानकारी होने के बावजूद भी आप वो नहीं करेंगे जो आपको करना चाहिए. आन्तरिक संतुलन आने से आप कहेंगे कि, “ऐसा जीवन जीने का कोई अर्थ नहीं है, मुझे इसे तुरंत बदलने की जरुरत है.
error: Content is protected