सुविचार 2177

“आदमी की सोच “.

*. जिस दिन हमारी मौत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रह जाता है.

* जब हम जिंदा होते हैं तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को पया॔प्त धन नहीं है.

* जब हम चले जाते है तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है.

* ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय.

• अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये.

• मँहगे फ़ोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते है.

• मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता.

• आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है.

• पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं.

• पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है.

• 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता, तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो.

• स्वस्थ होने पर भी निरंतर चैक अप करायें.

• प्यासे न होने पर भी अधिक पानी पियें.

• जब भी संभव हो, अपना अहं त्यागें.

• शक्तिशाली होने पर भी सरल रहेँ.

• धनी न होने पर भी परिपूण॔ रहें.

बेहतर जीवन जीयें !!!

सुविचार 2176

हर एक की सुनो और हर एक से सीखो. क्योंकि हर कोई सब कुछ नहीं जानता,

लेकिन हर एक कुछ ना कुछ जरूर जानता है.

सुविचार 2175

चढ़ते सूरज को लोग जल देंगे, ढलेगा तो छोड़ कर चल देंगे.

तू मोह के वृक्ष न उगा, ये न ही छांव न ही मीठे फल देंगे.

सुविचार 2173

हमें अपने विचारों का चयन करने की सीखने की जरुरत ठीक उसी तरह से है, जिस तरह हम प्रतिदिन अपने कपड़ों का चयन करते हैं.
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