सुविचार 2171

सत्य का प्रकट होना…

स्वयं के बचाव के लिए कभी दूसरों पर दोषारोपण न करें और न ही कभी झूठे तथ्यों का सहारा लें, क्यूंकि समय के पास सत्य को प्रकट करने का अपना ही तरीका होता है !!!

सुविचार 2170

किस आदमी का विचार करने का क्रम कैसा है ? असल में वही उसका स्वरुप है.

आदमी लंबाई- चौड़ाई के हिसाब से छोटा नहीं होता, वरन जिस आदमी के मानसिक स्तर की ऊंचाई कम है, वह आदमी ऊंचे सिद्धांत और ऊंचे आदर्शों को नहीं सुन सकता.

सुविचार 2169

हर आदमी बुरा काम करने से पहले अगर उसके अन्जाम के बारे में गहराई से सोच ले तो वो इन्सान बुरा काम नहीं करेगा.

सुविचार 2168

आपकी प्रतिभा तय करती है कि आप क्या कर सकते हैं. _ आपकी प्रेरणा यह निर्धारित करती है कि आप कितना कुछ करने को तैयार हैं ; _आपका दृष्टिकोण यह निर्धारित करता है कि आप इसे कितनी अच्छी तरह से करते हैं.

Your talent determines what you can do. Your motivation determines how much you are willing to do. Your attitude determines how well you do it.

सुविचार 2167

जिन्दगी की किताब में, धैर्य का कवर होना बहुत जरूरी है

क्योंकि, वही हर पन्ने को बांधकर रखता है.

सुविचार 2166

जीवन में प्रसन्न रहने के लिये चैन के दो निवाले, गिरती बारिश या बहती हवायें ही पर्याप्त हैं। …जबकि दुःख के कारणों पर तो हजारों किताबें लिखी जा सकती हैं.

To be joyous in life, a few bites to eat in peace, pouring rains or cool breeze are sufficient… Whereas for reasons to be sad, you can write thousands of books on it.
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