सुविचार 2090
पुरुषार्थ से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है.
पुरुषार्थ से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है.
सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, उन पर चढ़ना भी जरुरी है.
और सबसे महँगी उसे मोहब्बत ही पड़ती है !!
पर हर तकलीफ से इंसान सीखता भी बहुत है !!