सुविचार 2277
जो जागना चाहता है, वही जागता है.
ज़िंदगी भी बस………. इतना ही मांगती है ..!!
ये सोचना छोड़ दो.
जब तक वो अपना फोकस ठीक न बनाए.
अपने अंदर के एक- एक दोष को व कमजोरी को बाहर फेंकना शुरू कर देंगे.
“नशा चाहे…..रूप, शराब, पद, कद, पैसा या अन्य का हो “