सुविचार 2259
बच्चों को पालना, उन्हें अच्छे व्यवहार की शिछा देना भी सेवा कार्य है, क्योंकि यह उनका जीवन सुखी बनाता है.
सिर्फ वही मार्ग सही है … जिस पर तुम चलते रहो …. और कभी रुको न.
_ और अभिमान इतना भी कम मत करना कि स्वाभिमान मिट जाए.
और हादसे के बाद समझ में आया कि कुछ मोड़ पर रुकना भी पड़ता है.