सुविचार 2148
गुज़रते दिनों का नही…” बल्कि “यादगार लम्हों का नाम है…”जिंदगी”…
क्योंकि आपकी यह आदत आपको जीवन में आने वाले अवसरों का आभास भी नहीं होने देगी.
जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में.
_ ऐसे लोग सामने कहते कुछ और है और पीछे करते कुछ और..!!
जो तकरार होने के बाद भी सिर्फ एक मुस्कुराहट पर पहले जैसा हो जाए…..।।