सुविचार 2247

जब हम किसी दुर्गंधित स्थान से गुजरते हैं तो उस समय हम अपनी सॉसें रोक लेते है और जब हम किसी बाग या सुगंघित स्थान से गुजरते हैं तो उस सुगंध का आनंद उठाते है.

ठीक वैसे जब बुरे विचार हमारे सामने आये तो उन्हें भी अपने अंदर न आने दो जबकि अच्छे विचारों को हमेशा लेते रहो. क्योकि विचार कोई भी हो वो हमारे मन में बीज का कार्य करता है जो धीरे धीरे एक पेड़ बन जाता है.

बुरे विचार ही बुराई करने के लिये प्रेरित करते हैं.

सुविचार 2246

जिंदगी में हमारे विचार ही हमारे कर्मों के बीज हैं, इसलिए सदैव अच्छे और सुन्दर बीज ही बोने चाहिए, ताकि अच्छे फल प्राप्त हो सके.

सुविचार 2245

जो हमेशा कहे मेरे पास समय नहीं है,

असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त-व्यस्त है.

सुविचार 2244

अगर किसी चीज को दिल से चाहो तो

पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है.

सुविचार 2243

“मत करो इंतज़ार” इतना की इंतज़ार ही करते रह जाओ

और सब कुछ ख़त्म हो जाए.

सुविचार 2242

इस तरह कर्म करो – कि मानो तुम्हारे हर कर्म को पलट कर तुम्हारे सिर पर आना है,

और वास्तव मे वह आता भी है.

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