सुविचार 2145
जीना है, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है
जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में.
जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में.
_ ऐसे लोग सामने कहते कुछ और है और पीछे करते कुछ और..!!
जो तकरार होने के बाद भी सिर्फ एक मुस्कुराहट पर पहले जैसा हो जाए…..।।
_ यह तय करता है कि आप कल क्या बनेंगे…