सुविचार 1999

जीवन में धन संपदा चली जाए तो उसे फिर प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन वक्त एक बार निकल जाए तो उसे वापस नहीं पाया जा सकता. इसलिए समय और उस से जुड़ी खुशियों के मोती मुट्ठी में भर के रखिए, उन्हें बिखरने न दें.

सुविचार 1998

उनकी खास कद्र किया करो_ जो आपको वक्त देते हैं_ आज के युग मे भी,

क्योंकि उनके लिए वह वक्त नहीं_ परन्तु एक हिस्सा होता है_ उनके सीमित जीवन का…!!!

सुविचार 1997

जिस चीज से डरते हैं, उसे इतनी बार करें कि मन से उसका डर भाग जाए, डर को जीतने का इससे सटीक तरीका नहीं खोजा गया है. इस बात को हम सभी जानते हैं, लेकिन जब भी यह समस्या सामने आती है, उसे देख कर भूल जाते हैं. डर को जीतने और सफलता की सीढ़ियों को चढ़ने के लिए हमें याद रखना चाहिए – प्रैक्टिस मेक्स अ मैन परफेक्ट.

सुविचार 1996

अगर किसी व्यक्ति ने कभी हमारे साथ खराब व्यवहार किया था, तो यह जरुरी नहीं कि वर्तमान में हमारे साथ उसके संबंध अच्छे नहीं हो सकते हैं. वर्तमान संबंध तभी प्रभावित होंगें, जब हम पुरानी बातों को आगे रख कर उससे बातचीत करेंगे. बीती बातों को ताकत देने का काम हम ही करते हैं. आगे बढ़ने और रिश्ते सुधारने के लिए उन्हें भूलना जरुरी होता है.

सुविचार 1995

सुख समृद्धि किस्मत से नहीं, परिश्रम से मिलती है.

भाग्य मूर्खों की गलतफहमी है.

सुविचार 1994

किसी को प्रभावित करना चाहते हैं तो आप को अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाना होगा. खुद में सैंस औफ ह्यूमर विकसित करना होगा, खुद को एक्टिव बनाए रखना होगा और खुद में कोई खास हुनर विकसित करना होगा.
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