सुविचार 2115

दुनिया में बड़ा बनना है तो छोटी- छोटी चीजों को इगनोर करना सीखें. हर घटना या हर व्यक्ति की बात पर रिएक्ट करने लग जायेंगे तो व्यक्ति अपना जीवन नहीं जी सकता.

किसी भी चीज का वजन, या किसी के अपशब्द को बोझ के रूप में ज्यादा दिन तक अपने मन पर रखने से इंसान कभी आगे नहीं बढ़ सकता है.

सुबह से शाम तक आप कैसे लोगों से एक्सपोज़ होते हैं, कैसे परिवेश में रहते हैं, यह बहुत मायने रखता है. हमारे अंदर जितना पोजेटिविटी का फ्यूल रहेगा, उतना हम आगे बढ़ते रहेंगे.

सुविचार 2114

अन्याय, अभाव और आलस्य अज्ञानता के कारण ही पैदा होते हैं, ज्ञान हो तो यह सारी चीजें मिटने लगती हैं.

सुविचार 2113

हरेक मनुष्य के जीवन में चुनौतियां तो रहेंगी, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. चुनौतियां से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है. वह व्यक्ति कभी निराश नहीं हो सकता, जिसने अपने जीवन का लछ्य निर्धारित कर लिया हो. जिसकी आँखों में कुछ करने का सपना हो, सपने को पूरा करने के लिए जुनून हो, पागलपन हो तो उसे डिप्रेशन या उदासी हो ही नहीं सकती है. डिप्रेशन का एंटीडॉट है सक्सेस. अगर आप अपने काम, अपने लछ्य के प्रति फोकस है तो चुनौतियों के बावजूद कामयाबी आपके कदम चूमेगी. बस आपके अंदर गोल तक पहुंचने के लिए एक जुनून या पागलपन होना चाहिए.

छोटी- मोटी चीजों की चिंता किये बगैर बस आप कर्म करते रहिये,तो कोई भी नकारात्मकता आपको छू नहीं सकती है. यह आपके ऊपर है कि आप चीजों को कैसे लेते हैं. आपके ईको- सिस्टम में या आपकी संगत में किस तरह के लोग हैं.

जैसे कहावत है ना…….जैसा खावे अन्न वैसा होवे मन…….वैसे ही दिमाग की खुराक के लिए भी यह जरुरी है कि हम ऊर्जावान, सक्सेस व पॉज़िटिव लोगों की संगत में रहें. अच्छा साहित्य, अच्छी किताबें पढ़ें व खुद अपने आप को ऑडिट करते रहें, अपडेट करते रहें. यह कोशिश ही कामयाबी का मार्ग प्रशस्त करती है. इससे आप हमेशा उमंग में रहेंगे.

सुविचार 2112

मन मिले जिससे, रिश्ता रखना उससे.
जहां कदर नहीं, वहां जाना नहीं.
जो सुनता नहीं, उसे समझाना नहीं.
जो पचता नहीं वो खाना नहीं.
जो सत्य पे भी रूठे, मनाना नहीं.
जीवन में तकलीफें आएं, घबराना नहीं.

सुविचार 2110

इंसान का सबसे वैभवशाली सुख और स्थायी शांति तब ही प्राप्त होती है,

जब वह अपने भीतर बैठे स्वार्थ को पूरी तरह से समाप्त कर देता है.

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