सुविचार – हम है उसी में राजी, जिसमे तेरी रजा है – 2018

हम है उसी में राजी, जिसमे तेरी रजा है,

प्रसन्न रहिये …. छोटी छोटी बातो पर रूठना, गुस्सा होना. प्रतिक्रिया देना अपने स्वाभाव और चरित्र में नकारात्मकता लाता है, अतः सोच समझ कर प्रतिक्रिया दें, छोटी छोटी बातो को गर नजर अंदाज न कर सके तो ज्यादा तूल न दें, यानि बढ़ाएं नहीं, किसी भी हालत में क्रोध या आवेश को अभिव्यक्ति न दे, प्रदर्शित न करे, इसको समझना हो तो जब कोई दूसरा क्रोध में चिल्लाता हो उसे देखे तुरन्त समझ आएगा की ऐसी अभिव्यक्ति कितनी गलत होती है ! अपनी बात सहज होकर, शांति से रखें ! इससे प्रसन्नता और शांति आपके पास स्थायी हो सकेगी ! और आप कह सकेंगे की ….. यहाँ यु भी वाह वाह है , और त्यूं भी वाह वाह है ….हर हाल में खुश , मस्त , प्रसन्न ………

सुविचार 2016

साहस…….

जितना साहस कोई बात सबके सामने खड़े होकर कहने में लगता है, उतना ही साहस चुपचाप बैठकर हर किसी की बात सुनने के लिए भी चाहिए !!

सुविचार 2015

निर्बल मन ….

निर्बल व खाली मन कभी भी समर्थ संकल्प उत्पन्न नहीं कर सकता !! संकल्पवान बनें, विचारो में स्थिरता और दृढ़ता पैदा करें, मन को अभ्यास द्वारा नियंत्रित करें, अच्छे विचार रखें, इससे आपकी आत्मिक शक्ति का विकास होगा ! याद रखें मन के हारे हार है मन के जीते जीत !!

सुविचार 2014

वो ही करता और वो ही करवाता है, क्यों बंदे तू इतराता है,

एक साँस भी नही है तेरे बस की, वो ही सुलाता और वो ही जगाता है.

सुविचार 2013

संतुलित मन….

घोर संकट के समय, विपत्ति के समय और कठिन परिस्थितियों में शांत रहना, सहज रहना और मुस्कुराना संतुलित मन और स्थिर चित्त की निशानी है !! ऐसा तभी संभव है जब आपका मन पर पूर्ण नियंत्रण हो और ये शांति व सहजता और मुस्कुराहट केवल दिखावटी न हो और बाहरी न हो !!!

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