सुविचार 2043

अगर हम बड़ी- से- बड़ी समस्या आने पर भी खुद को शांत रखें और उसके समाधान पर सोचें, तो नुकसान से बच सकते हैं.

हमें नुकसान उस समय होता है, जब हम समस्याओं का समाधान तलाशने की जगह उनसे युद्ध शुरू कर देते हैं. युद्ध किसी भी परिस्थिति में किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है. शांति से हर बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान तलाशा जा सकता है. इसलिए समस्या से हमें घबराना नहीं चाहिए, सफलता के लिए उनका समाधान तलाशना चाहिए.

सुविचार 2041

हमारा जीवन समस्याओं और समाधानों, अच्छाई और बुराई, जीत और हार, सुख और दुख, सफलता और असफलता, उतार और चढ़ाव से घिरा हुआ है और हमें इसी में खुश रहना है.

अब हम अगर इस माहौल में अपनी ख़ुशी को यह सोच कर टालते रहेंगे कि यदि आगे यह मिल जाये, तो मैं खुश हो जाऊंगा या मुझे यह चीज प्राप्त हो, तो मैं खुश हो जाऊंगा. तो यकीन मानिये, वह समय कभी नहीं आयेगा.

महान विचारक ओशो रजनीश ने कहा है कि हमारा मन बड़ा चालाक है, जैसे ही वह किसी एक चीज को प्राप्त करता है, तुरंत नयी चीज को ध्येय बना लेता है और यही बात हमारी हमारी ख़ुशी के साथ है. इस तथ्य को हमें गहराई से समझना चाहिए.

सुविचार 2040

अगर आप लोकप्रिय होना चाहते हैं तो जिनसे भी मिलें, उनसे अपने बारे में बात नहीं करें, उनके बारे में बात करें. अगर आप किसी से मिलेंगें और उसके बारे में पूछेंगे तो वह भी आपके बारे में जानना चाहेगा. लेकिन, अगर आप अपने बारे में बताएँगे तो उसे आपकी बातों में रूचि नहीं होगी.

अगर आप सामने बैठे व्यक्ति के मन में अपने बारे में रूचि जगाना चाहते हैं तो उससे उसके बारे में बात करें. स्वाभाविक प्रतिक्रिया के तहत वह आपके बारे में भी आपसे पूछेगा.

—सामने वाले को यह नहीं लगना चाहिए कि सिर्फ दिखावे के लिए आप ऐसा कर रहे हैं.

सुविचार 2039

हमें हमेशा नया सीखते रहना चाहिए- तरक्की के लिए सीखते रहना जरुरी है. इससे दिमाग कभी बूढ़ा नहीं होता है, उम्र का प्रभाव नहीं पड़ता है, हमें कभी भी यह नहीं सोचना चाहिए कि अब सीखने की उम्र नहीं है. हमेशा सीखते रहना चाहिए.

कोई दिल से कुछ भी सीखना चाहे, तो उसके लिए वह समय निकाल लेगा, जो कहते हैं कि उनके पास नया सीखने के लिए समय नहीं है, वह सीखना नहीं चाहते हैं. इस तरह के लोग ही बदलाव का सबसे पहले विरोध करते हैं. उन्हें लगता है कि पुराना दौर ही ठीक था.

सुविचार 2038

जब किसी काम के प्रति हमारे भीतर सकारात्मक सोच उत्पन्न होती है, उस समय हम ऊर्जावान रहते हैं. जैसे ही किसी दूसरे काम को लेकर नकारात्मक सोच आती है, हमारी ऊर्जा गायब हो जाती है, ख़ुशी छिन जाती है, निराशा का भाव मन में घर बना लेता है. इसलिए हमेशा सकारात्मक सोचें.

सकारात्मक सोच विकसित करने का कोई फार्मूला है क्या ? नहीं, इसका कोई किताबी फार्मूला नहीं है. अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाये,

किन बातों का ? हर परिस्थिति में खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए. खुद आशावादी होना चाहिए और निराशावादी लोगों से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए. सकारात्मक सोच ताकत देता है, संभावनाओं का द्वार है.

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