सम्बन्ध समाधान है अगर बंधन न दे.
सुविचार 1872
जब हम किसी परेशानी में होते है, तो हमारा पूरा ध्यान आने वाले खतरे और खौफ पर केंद्रित हो जाता है और इससे हम अपनी सूझ- बूझ खो देते हैं. लेकिन, यदि हम खतरे के डर को दरकिनार कर उससे बाहर निकलने के विकल्पों पर काम करें, तो बहुत संभावना है कि हमें कोई-न-कोई रास्ता अवश्य नजर आ जाएगा.
सुविचार 1871
सुख दुःख,,,,
यद्यपि कोई दुखी होना नहीं चाहता फिर भी दुखी होता है, दुखी होना ही पड़ता है ! जीवन में सुख और दुःख दोनों आते जाते रहते हैं इन्हें भोगना ही पड़ता है, लेकिन इनको भोगने में एक फर्क यह होता है की सुख भोगते समय हमें वक़्त का पता ही नहीं चलता, इसलिए सुख हमें कम मालूम होता है, और दुःख भोगते समय हमें लम्बा और भारी मालूम होता है, इसलिए दुःख ज्यादा मालूम होता है ! अतः विवेक से काम लिया जाए तो दुःख की महत्ता और उपयोगिता को समझ कर दुःख की पीड़ा को कम किया जा सकता है !!!
सुविचार 1870
ग़लतफ़हमी ……
किसी भी तरह की ग़लतफ़हमी दिल में न पालें, इसके आधार पर कोई भी सम्बन्ध न तोड़ें, जब भी किसी बात पर शंका हो, बातचीत के जरिये उसे सुलझाने का प्रयास करें, याद रखें ज्यादात्तर गलतफहमी हमारे शंकालु दिमाग या परिस्थितियों की उपज होती है !!!
सुविचार 1869
आपसे बड़ी अगर आपकी मांग है तो आप जरूर परेशान होंगे.
सुविचार 1868
औरों की निन्दा करने में नहीं, अपने दोष ढूँढने मे समय लगाओ.




