सुविचार 1894

जो इंसान समय से बँधने से घबराता है, उसे परिस्थितियां बाँध देती है.

इसलिए समय का सम्मान करें, ये आपको परिस्थितियों में बँधने से बचाता है.

सुविचार 1891

इस अस्तित्व में किसी का पात्र भी खाली नहीं है, सब भरे हैं …… अस्तित्व किसी के साथ अन्याय नहीं करता ….!! बस अंतर है तो सिर्फ इतना, जितना आपका पात्र खाली होगा उतना ही भरेगा. किसी का पात्र छोटा होगा तो उसने उसको उतना ही भर दिया.

सुविचार 1890

मुस्कुराहट आपके चेहरे की चमक है, आप के दिमाग को ठंडा रखने की विधि है और आपके हृदय को मधुर रखने का आधार है, इसलिए सदैव मुस्कुराते रहें.

सुविचार 1889

टुटा हुआ विश्वास और छूटा हुआ बचपन, जिंदगी में कभी दुबारा वापस नहीं मिलता.

दूसरा मौका सिर्फ कहानियाँ देती हैं, जिन्दगी नहीं.

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